Monday, October 12, 2015

संकटग्रस्त विरासत स्थलों में शामिल हुआ बनारस का बालाजी घाट

   भोलेनाथ की नगरी के नाम से मशहूर बनारस में पवित्र गंगा नदी के किनारे 18वीं सदी में बने बालाजी घाट को संकट में पडे़ 60 सांस्कतिक विरासत स्थलों में शामिल किया गया है, जिनके तुरंत संरक्षण की जरूरत है । 
      न्यूयार्क के विश्व स्मारक न्यास (डब्लूएमएफ)  नाम के एक निजी न्यास के अध्यक्ष बोन्नी बर्नहाम ने 2012 वल्र्ड मोनूमेंट वॉच नाम से 41 देशों के 67 ऐसे सांस्कतिक विरासत स्थलों की सूची जारी की है जिनके तुरंत संरक्षण की जरूरत है। इस सूची में जिन स्थलों को शामिल किया गया है, उनमें पेरू का नास्का लाइन और जिओगलयफ्स, इंग्लैंड का कोवेंट्री कैथेड्रल और वियतनाम के मछली पकड़ने वाले तैरते गांव प्रमुख हैं। डब्लूएफएफ ने कहा कि विश्व के सबसे पुराने सतत बसे हुए शहरों में शुमार वाराणसी या बनारस का बालाजी घाट गंगा की पूजा करने आए तीर्थयात्रियों की मदद के लिए इस पवित्र नदी के किनारे बनाई गई इमारतों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।  फाउंडेशन ने कहा कि बालाजी घाट की मुख्य इमारत का गिरना संभवत: लकड़ी के क्षरण के कारण अपर्याप्त मरम्मत तथा घटिया स्मारक संरक्षण की ओर संकेत करता है। डब्लूएफएफ के मुताबिक, निगरानी सूची में शामिल किए जाने से इमारत को सांस्कतिक केंद्र के रूप में बहाल करने की योजना में मदद मिलेगी और यह तीर्थयात्रियों तथा ज्ञानोदय की प्राचीन परंपरा को जारी रखने में सहायता करेगा। उसने कहा कि ये सभी 67 स्थल स्पष्ट रूप से इस बात को बताते हैं कि विश्वभर में विरासत के सरोकारों और समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय हितों के बीच संतुलन बनाए जाने की जरूरत है। बर्नहाम ने कहा कि अमेरिकन एक्सप्रेस अगले पांच वर्षो में इस कार्यक्रम में मदद के लिये 50 लाख डालर की मदद देगी ।




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